आजादी से गुलामी -
और काले से फिर
गौरे का सफ़र .
मात्र - कुछ दशक में .
तय हो जाएगा - ये
हम गुलामों ने तो क्या
श्वेत शासकों ने भी -
नहीं सोचा होगा .
और काले से फिर
गौरे का सफ़र .
मात्र - कुछ दशक में .
तय हो जाएगा - ये
हम गुलामों ने तो क्या
श्वेत शासकों ने भी -
नहीं सोचा होगा .
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