बंध गए थे -
बिना बांधे .
बात कुछ भी थी -
नहीं बस .
ओढ रखे थे -
सभी बंधन - वो
हमने तोड़ डाले .
जिस्म अपना -
और दिल किस
किसके हवाले .
बिना बांधे .
बात कुछ भी थी -
नहीं बस .
ओढ रखे थे -
सभी बंधन - वो
हमने तोड़ डाले .
जिस्म अपना -
और दिल किस
किसके हवाले .
No comments:
Post a Comment