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Monday, March 7, 2011

मिले कीमत -सही

मिले कीमत -सही ,
तो बिकने को तैयार हूँ मैं -
अपने आप से सचमुच -
बहूत बेजार हूँ मैं.
उतना बुधू नहीं हूँ अब -काफी
समझदार हूँ मैं .

अब किसी से गिला क्या
कीजिये - मंडी सजी है ,
हर तरफ - तुम्हारी एक ,
नजर का तलबगार हूँ मैं .

तेरे करने से कुछ नहीं होना ,
बेकार अब लहसुन -प्याज का रोना .
मिल गया क्या -और क्या खोना.
बिक जाएँ तो सारे घोड़े -
बेचकर सोना .

बचा अब आखिरी हूँ मैं -फिर
भाव-ताव क्या होना .
कसोटी पर परख - मैं हूँ
शुद्ध -निखालिस खरा सोना .

खरीदेगा तो - तर जाएगा,
जो मर गया भी तो -बैकुंठ पायेगा .
ना ख़रीदा तो -बाद में पछतायेगा .
वो एक दिन -याद रख जरुर आएगा,
जब तू इस नाचीज का -
ना मोल चूका पायेगा .

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