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Wednesday, April 4, 2012

प्यारकी भी बड़ी अजीब दास्तान हैं

प्यार की भी बड़ी -
अजीब दास्तान हैं
एक पागल मैं -
मेरे पीछे पूरी दुनिया
सारा जहान हैं .
मिलजाए तो -
एक नजरमें कलि
दिलकी खिल जाए .
लड़ते रहो वर्ना -
इधर हिन्दुस्तान
उधर पाकिस्तान है .
कौन कहता है -
ये इकतरफा बयान है
कहाँ आपके हाथों में -
इसकी कमान है .
इधर से निकला -
ढूँढ़ते रहो काक्रोच सा
दिल कब किधर-
कहाँ गया -
ना जाने आपका
कहाँ ध्यान है .

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