Popular Posts
चोट लगती है फूल से भी यार
चोट लगती है फूल से भी यार फूल पत्थर की तरह फैंको मत सुर नहीं साज नहीं आवाज़ नहीं अब यूँ गधों की तरह रेंकों मत . जिनावर ...
तेरे इनकार में दम है .
किसीकी जात में दम है - किसीकी पांत में दम है. किसीकी दौलते चलती किसीके हाथ में दम है . ना तेरे प्यार में दम है ना मेरे प्यार में...
(no title)
आँधियों के दौर हर मंज़र उदास है - बचने की भला अब किसको आस है अंजाम से डरे हुए कुछ लोग तो मिले अंजाम बदल दें मुझे उसकी तलाश है .
Tuesday, June 7, 2011
कल्याणकारी शुभकामनाएं ...!!!!
जीवन -शाश्वत -अमित अटूट
अविरल - अविराम .
जीवन अनंत है ....!!!!!
हर पल - इसका मधुरस
भर भर पीयों - क्षणिक नहीं
भरपूर जियों !!!!!!!
उसी जीवन के लिए -
नव नूतन - शुभ्र और
कल्याणकारी शुभकामनाएं ...!!!!
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment