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सूने गुलशन को इस तरह सजाया जाए महक नही तो थोड़ा इत्र मिलाया जाए . टिकाऊ न सही कुछ देर तो जले यारो झक दुपहरी में एक दीप जलाया जाये . दु...
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बहूत देर सोये अब - चलो जागो , होली का हुडदंग हैं - अरे बचो भागो . कौन कहता है - दिल उनका तंग है , देखो तो सही - उनके हाथ में भी रंग है ...
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जब अस्तित्व और न्याय के सवाल महत्वपूर्ण हो गए -तब हम जंगल से भाग आये थे . और नए उपवन -कानन सजाये थे पेड़ -पौधे , जंगली घास को हमने अ...
सुन्दर सत्य अनमोल
ReplyDeleteआना है-जाना है, इस जगत को कहाँ खली रहना है
अभिलाषाओं की दौर में इस कदर अँधे हो गए हैं, कि
जुए खेलने की आदत पद ही गई।
बहुत सुन्दर गुरु जी