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ये सिरफिरा चाँद - पागल है पर नहीं अनजान . चन्द्रप्रभा के दुखों से - आखिर क्यों नहीं परेशान . सुन , तुझ से क्या - कहती है चांदनी - जो ...
अब मीनारों पर मीनारें देखिये
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धर्म की जय हो .
धर्म की जय हो . अधर्मियों का नाश हो . देश का कल्याण हो - चहुँ दिशी शुभ्र प्रकाश हो . दिलों में - प्रभु का वास हो स्वयं पर इतना विश्व...
Friday, June 10, 2016
आँधियों के दौर हर मंज़र उदास है -
बचने की भला अब किसको आस है
अंजाम से डरे हुए कुछ लोग तो मिले
अंजाम बदल दें मुझे उसकी तलाश है .
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