Popular Posts
बूंदों का मजा ले ना
आग की बात मत कर - बरसात का मौसम है . पुरवैया का जोर है - बूंदों का मजा ले ना . रोज रोज - रोने का क्या फायदा है सोच . कभी तो थोड़ा ...
क्षणिकाएं
आज तीर पर आमंत्रण है - लहरों से मिलने का मन है . सागर पर कुछ क्रोध नहीं -बस तूफां से टकराने का प्रण है. एक सितारा टुटा है फि...
ना जाने क्यों - आज तुझसे मिलने को दिल चाह रहा है
ना जाने क्यों - आज तुझसे मिलने को दिल चाह रहा है - बता मुझे - बुला रहा है - या तू खुद मेरे पास आ रहा है . चल तू ही आ जा मेरे - दोस्त...
Friday, June 10, 2016
आँधियों के दौर हर मंज़र उदास है -
बचने की भला अब किसको आस है
अंजाम से डरे हुए कुछ लोग तो मिले
अंजाम बदल दें मुझे उसकी तलाश है .
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)