Popular Posts
मैं उलटी गंगा बहाना चाहता हूँ
हाँ -मैं उलटी गंगा बहाना चाहता हूँ - समुन्द्र को हिमालय पर लाना चाहता हूँ . क्यों नहीं हो सकता, मेरा सपना सच - जब आदमी इन्सान से, भ...
इक मरजानी - मरजाने दो
इक मरजानी - मरजाने दो है इकला तीर - निशाने दो . हस्ती ना मिटा सका कोई हम एक नहीं - दीवाने दो . जो होता है - हो जाने दो जो खोता है - ...
बीजेपी की सादर नमस्कार नमो नमो -
बीजेपी को - सादर नमस्कार . नमो नमो - का जयजयकार निकम्मी बेकार - बे सरोकार - ये कांग्रेस सरकार . भंवर में फंसी देश की नैया अ...
Friday, June 10, 2016
आँधियों के दौर हर मंज़र उदास है -
बचने की भला अब किसको आस है
अंजाम से डरे हुए कुछ लोग तो मिले
अंजाम बदल दें मुझे उसकी तलाश है .
Sunday, February 14, 2016
तेरे इनकार में दम है .
किसीकी जात में दम है -
किसीकी पांत में दम है.
किसीकी दौलते चलती
किसीके हाथ में दम है .
ना तेरे प्यार में दम है
ना मेरे प्यार में दम है .
किसीकी ना बिकी चीनी
किसीका बिकगया शीरा
किसीका कांच बिकता है
किसीका ना बिका हीरा .
ना तेरी जीतमें दम है -
ना मेरे हार में दम है .
जमाना सामने हो तो
महूब्बत गौण होती है
मुक्कदर की धनी लैला
तभी तो मौन होती है
मेरा इकरार बेदम है -
तेरे इनकार में दम है .
http://yatranaama.blogspot.com/
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)