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एक रिश्ता - बड़ा अनाम
एक रिश्ता - बड़ा अनाम सोचता हूँ दूं - उसे कोई अच्छा सा नाम . सावन सा उमड़ता - घुमड़ता रीझता हो . खिजाता हो - खीजता हो . ...
बूंटा बूंटा देखा
बूंटा बूंटा देखा - पत्ता पत्ता छाना कोई गुल नहीं खि ला सभी ने ऐसा माना . पूंछा पूर्व ने पश्चिम - उत्तर ने दक्षिण से . नि...
बहार ऐसे ही आती है .
जैसे दुखों के बाद सुख . तपते मौसम के बाद बारिश . सूखते जख्ममें होने वाली - मंद मंद खारिश . अहसास दिलाती है - शायद पतझर के बाद - बहार ...
Friday, June 10, 2016
आँधियों के दौर हर मंज़र उदास है -
बचने की भला अब किसको आस है
अंजाम से डरे हुए कुछ लोग तो मिले
अंजाम बदल दें मुझे उसकी तलाश है .
Sunday, February 14, 2016
तेरे इनकार में दम है .
किसीकी जात में दम है -
किसीकी पांत में दम है.
किसीकी दौलते चलती
किसीके हाथ में दम है .
ना तेरे प्यार में दम है
ना मेरे प्यार में दम है .
किसीकी ना बिकी चीनी
किसीका बिकगया शीरा
किसीका कांच बिकता है
किसीका ना बिका हीरा .
ना तेरी जीतमें दम है -
ना मेरे हार में दम है .
जमाना सामने हो तो
महूब्बत गौण होती है
मुक्कदर की धनी लैला
तभी तो मौन होती है
मेरा इकरार बेदम है -
तेरे इनकार में दम है .
http://yatranaama.blogspot.com/
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