Popular Posts
जियो और जीने दो
प्रेम अनंत है - नफरत का - फिर भी अंत है . बहारें ही शाश्वत हैं पतझर की कल्पना बिलकुल - मनघडंत हैं . दुश्मनी सदा नहीं रहती मित...
ये भगवान विष्णु क्षीर सागर में
ये भगवान विष्णु क्षीर सागर में - शेष नाग की छतरी तले , कमल की शैया पर क्यों सोते हैं शेषनाग के दाँत तो बहुत विषैले होते है . ये कैसा व...
आइने कभी झूठ नहीं बोलते
आइने कभी झूठ नहीं बोलते - बुत कभी सच नहीं कहते , क्यों की वे अब नहीं है . पर आइने तो यहाँ वहां - सब जगह बिखरे पड़े हैं , हर कही हैं . ...
Wednesday, June 1, 2011
हमारा भी धर्म है
हमारा भी धर्म है -चाहे बोटी-रोटी रुमाली मत दो
हाँ जी हम कुत्ते हैं - पर गद्दार को ये गाली मत दो .
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment