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झक दुपहरी में एक दीप जलाया जाये
सूने गुलशन को इस तरह सजाया जाए महक नही तो थोड़ा इत्र मिलाया जाए . टिकाऊ न सही कुछ देर तो जले यारो झक दुपहरी में एक दीप जलाया जाये . दु...
गीत ये फिर भी -मेरा बिलकुल नया है .
देखने में घिस गया है - बात ये सच मान मेरी - गीत ये फिर भी -मेरा बिलकुल नया है . ढून्ढ लाया था - समन्दर से हजारों बार लाखों बार -मोती...
दस्तक है द्वार पर
दस्तक है द्वार पर - सिंह की पुकार पर , सोचना फिर कभी - शत्रु पर प्रहार कर . ठाड़ा नहीं है सिंह - भय अरण्य पार कर मरना गर है अभीष्ट -दुश्...
Wednesday, June 1, 2011
हमारा भी धर्म है
हमारा भी धर्म है -चाहे बोटी-रोटी रुमाली मत दो
हाँ जी हम कुत्ते हैं - पर गद्दार को ये गाली मत दो .
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