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क्षणिकाएं
लो आ रही थी जिनकी याद वो भी आ गए . अल्लाह मेहरबान है कुछ हमपे आजकल . बदनाम हूँ तो क्या जरा मशहूर तो हुआ पैमाने भरे देख कुछ - सुरूर तो ...
समय की धार में सब बह गया
समय की धार में सब बह गया - कभी फुर्सत मिली देखेंगे - तब क्या बचा क्या रह गया . वक्त के पंछी चले उड़ान पर नीड़ धरती पर - और इरादे ...
उन्हें अपना खोया -वर्चस्य मिला
वे योद्धा थे -वीर साहसी . अपनी आनबान-शान, या अपने घर मकान से , मार -मार कर , वैरियों को भगाया . उन्हें अपना खोया -वर्चस्य मिला आम आ...
Wednesday, June 1, 2011
हमारा भी धर्म है
हमारा भी धर्म है -चाहे बोटी-रोटी रुमाली मत दो
हाँ जी हम कुत्ते हैं - पर गद्दार को ये गाली मत दो .
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