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झक दुपहरी में एक दीप जलाया जाये
सूने गुलशन को इस तरह सजाया जाए महक नही तो थोड़ा इत्र मिलाया जाए . टिकाऊ न सही कुछ देर तो जले यारो झक दुपहरी में एक दीप जलाया जाये . दु...
होली है ! होली है !
बहूत देर सोये अब - चलो जागो , होली का हुडदंग हैं - अरे बचो भागो . कौन कहता है - दिल उनका तंग है , देखो तो सही - उनके हाथ में भी रंग है ...
जब अस्तित्व और न्याय के सवाल
जब अस्तित्व और न्याय के सवाल महत्वपूर्ण हो गए -तब हम जंगल से भाग आये थे . और नए उपवन -कानन सजाये थे पेड़ -पौधे , जंगली घास को हमने अ...
Wednesday, June 1, 2011
हमारा भी धर्म है
हमारा भी धर्म है -चाहे बोटी-रोटी रुमाली मत दो
हाँ जी हम कुत्ते हैं - पर गद्दार को ये गाली मत दो .
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