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एक रिश्ता - बड़ा अनाम सोचता हूँ दूं - उसे कोई अच्छा सा नाम . सावन सा उमड़ता - घुमड़ता रीझता हो . खिजाता हो - खीजता हो . ...
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पूरे हिंदुस्तान में केवल एक जिन्दा आदमी - या फिर मान लें की पूरा मुल्क मुर्दों की बस्ती है . कह रहें हैं लोग - की इस मायने में लोकपा...
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आंधियां देश दुनिया घर नहीं देखती कोई पगडण्डी -सड़क शहर नहीं देखती जमीन से उठती हैं - और छा जाती हैं - आसमान में या सारे जहान में ....
कोई असंसदीय शब्द न निकल जाये
ReplyDeleteऔर हम अपराधी बन जाएँ |
बहस जारी हैं |
भैंस जा री है ||
बहस जारी हैं |
भैंस जा री है ||
वजन बराबर है न ||
pura pura brabar hai vazan....
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