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आग की बात मत कर - बरसात का मौसम है . पुरवैया का जोर है - बूंदों का मजा ले ना . रोज रोज - रोने का क्या फायदा है सोच . कभी तो थोड़ा ...
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Thursday, April 21, 2011
'हार'
उसने कहा निश्चित हार है -
हमने कहा -बिलकुल बेकार है .
'हार' - हारने वालो को कहाँ .
विजेता ही तो 'हार' का असली -
हकदार है .
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