Popular Posts
-
एक चिंगारी को - छोटा ना समझ इसमे होता है - प रमाणु का विधान . वो जिसने सीख कर पहचान लिया - वही करेगा अब इस क्रांति का संधान . ...
-
वो दिन कैसे - रूई के फाये से नाजुक - बिलकुल बाल स्वप्न के जैसे . ये दिन कैसे - सुबह हुई - दिन बाकी है रात अभी पड़ी है सारी . पू...
-
जहाँ धुप है ना छाँव हैं सुरमई घाटी में बेतरतीब सा पसरा - मेरा एक छोटा सा गाँव हैं . सपने लेता हूँ - वहां उडके पहुँच जाने के . मेरी मजबू...
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment