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मैं इन्कलाब बेचता हूँ
बहूत हो गये जो संभलते नहीं अब - पुराना मैं चुकता हिसाब बेचता हूँ . ये नेता गवैये और खेलों के भैये - खरीदो - लो पूरी जमात बेचता हूँ . ख...
प्यार मैंने भी किया है .
विरह की संवेदना मैं भित्तियों के चित्र सी तुम . प्यार तुमने भी किया था प्यार मैंने भी किया है . मरू जलती रेत और वे ओस की नाजुक सी...
जल जायेगी जो लंका है
लहरे उठती हैं गिरती हैं तूफानों की आशंका है . कोई तो राम कहायेगा . ना शक ना कोई शंका है . सुतपवन कोईतो आएगा . जल जायेगी जो ल...
Tuesday, August 20, 2013
" चिरायु हो -
" चिरायु हो -
वक्त के सामने
डंट जाओ - हर
विपरीत परिस्थितयों में
सदा मुस्कुराओ -
खुलकर कहकहे लगाओ .
ज़माना रश्क करें - तुमसे
ऐसे बन जाओ "
जन्म दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं
वा शुभाशीष .....!!!
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