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दिल के आगे जोर नहीं है
दिल के आगे जोर नहीं है - दिल के आगे चलती ना कुछ . कितना भी समझा फुसला ले - बात मगर यूँ बनती ना कुछ . डर के आगे जीत नहीं है ...
यूँ ना तोडना मुझे
जुड़ना बड़ा मुश्किल है यूँ ना तोडना मुझे . टूटा जो एक बार फिर जुड़ता नहीं हूँ मैं . घर में रखो - दिल में रखो जो चाहे तुम करो . ...
क्षणिकाएं
खलिहान में बढे क्या चार दाने और हाकिम ने खरीदे - हज़ार बारदाने और . कोई मरता नहीं - किसी के साथ जीने वाले के साथ जिया जाता है . जा...
Sunday, July 14, 2013
हैं बहूत आग अपने सीने में
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