पार्थ सारथि नहीं कृष्ण - ये कैसा रथ है . भार भूमि भारत ये- कैसा महाभारत है . कटे केश - पग टूटे , कर काटे बैरी ने असमर्थ - है हृदय क...
Sunday, December 30, 2012
झुनझुने मत थमाइये
नारी शक्ति को - ये झुनझुने मत थमाइये . ये अंग्रेजी राज की - कांग्रेस नीति को और आगे मत बढ़ाइए . डर के भूत से - इन्हें मत डराइये - हो सके तो हाथ में त्रिशूल पकड़ाईये .
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