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Thursday, February 20, 2014

तू तमाशबीन नहीं शायर हैं .

लिख वो प्यार की-
बात जो तूने कही .
लिख उसके बाद की
पीड़ा जो तूने सही
लिख की तू मुहजोर
नहीं कायर है .
लिख की तू तमाशबीन
नहीं शायर हैं .

आज वो हर बात -
लिख जो तूने कही है
जमाना जानता है
वो कितनी सटीक
कितनी सही है .

आज ही लिख -
अपनी अंतरात्मा का
वो सच - जो
कल कोई नहीं सुनेगा .

कोई नहीं पढ़ेगा .
कम से कम - कोई
अलग से अपने
मायने नहीं गढ़ेगा .

Tuesday, December 31, 2013

दिल के आगे जोर नहीं है

 दिल के आगे जोर नहीं है - 

दिल के आगे चलती ना कुछ . 

कितना भी समझा फुसला ले -

बात मगर यूँ बनती ना कुछ .



डर के आगे जीत नहीं है 

भय बिन होती प्रीत नहीं है .

दिल माने कोई रीत नहीं है 

मधुर सुरों साजों पर गाया 

रोना कोई गीत नहीं है .



मन का मैला - साफ़ न होता  

धो धो - तन का मेल उतारा .

गिनती गिनगिन जग ये हारा 

होते हरदम - नौ दो ग्यारह .