Popular Posts
बूंदों का मजा ले ना
आग की बात मत कर - बरसात का मौसम है . पुरवैया का जोर है - बूंदों का मजा ले ना . रोज रोज - रोने का क्या फायदा है सोच . कभी तो थोड़ा ...
कठिन इम्तिहान है जीवन
कठिन इम्तिहान है जीवन बड़ी मुश्किल पढ़ाई है . स्लेबस रट लिए फिर भी ना मेहनत काम आई है . ना पेपर लीक होते हैं ना यारो सेल होते हैं . कभ...
गाँधी चला विदेश और मोदी आने को है
पार्थ सारथि नहीं कृष्ण - ये कैसा रथ है . भार भूमि भारत ये- कैसा महाभारत है . कटे केश - पग टूटे , कर काटे बैरी ने असमर्थ - है हृदय क...
Wednesday, September 5, 2012
देस की चिंता छोड़
देस की चिंता छोड़ -
अपने नगरकी चिंता कर
'मातेश्वरी' की नाराजगी - से
यार थोडा सा तो डर .
तुझे पता भी ना चले -
दुनिया को पता चल जाए .
तेरी धर्मनगरी -
हरिद्वार
जाने कब -
पोपनगरी
(पाप नगरी) में बदल जाए .
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment